संस्कृत श्लोक


बच्चों को जीवन में सफलता दिलाएं ये प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक: हम बहुत रिसर्च के बाद बच्चों के लिए best Sanskrit shloka ले कर आये है. अगर बच्चों को शुरू से ही अच्छी शिक्षा और अच्छे संस्कार दिये जाये तो उन्हें सफलता पाने में कोई मुश्किल नहीं होगी.

बच्चों को अच्छा जीवन जीने का मार्ग दर्शन करने के लिए जीवन पर संस्कृत श्लोक बहुत उपयोगी है. हम विद्या का महत्व बताने के लिए, विद्या संस्कृत श्लोक चुन कर लाए हैं. बच्चों को अच्छा कर्म करना सिखाने के लिए, कर्म पर संस्कृत श्लोक अनमोल है. जीवन में सफल होने के लिए बच्चों को धैर्य पर संस्कृत श्लोक ज़रूर सिखाएं. बच्चों को वीरता पर संस्कृत श्लोक सुनाकर साहसी बनाएं. वे जीवन में कभी नहीं डरेंगे.

जन्मदिन की शुभकामनाएं संस्कृत श्लोक, छोटे संस्कृत श्लोक easy, छोटे संस्कृत श्लोक oneline आप अपने दोस्तों व रिश्तेदारों को भी भेजे. ये हमारी संस्कृति की धरोहर है. सब लोग आपको फॉलो करने लगेंगे. आप छोटे संस्कृत श्लोक instagram पर भी शेयर करे. आप फेमस हो जाएँगे. बच्चों को सफलता पर संस्कृत श्लोक, Prernadayak sanskrit shlok ज़रूर सुनाएं. इसीलिए हम संस्कृत श्लोक अर्थ सहित Hindi में लाए है, जिससे आप बच्चों को सफलता दिलाने में उनकी मदद कर सके.

प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक:

बच्चों को सफलता दिलाने के लिए, ये अनमोल संस्कृत श्लोक सबसे ज़्यादा कारगर सिद्ध होते है. दोस्तों को भी शेयर करे.

A) विद्या संस्कृत श्लोक

बच्चों को जीवन में सफलता मिले, इसके लिए ज़रूरी है कि वे विद्या(स्टडी) के महत्त्व को समझे और मन लगाकर पढ़ाई करे. बच्चों को ये संस्कृत श्लोक अर्थ सहित Hindi में समझाए. आपके बच्चे ज़रूर मोटीवेट होंगे.

1)आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः
नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति

हिन्दी अर्थ: मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही उनका सबसे बड़ा शत्रु होता है. मेहनत जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि मेहनत करने वाला कभी दुखी नहीं होता.


2) अलसस्य कुतो विद्या अविद्यस्य कुतो धनम् ।
अधनस्य कुतो मित्रममित्रस्य कुतः सुखम् ॥

हिन्दी अर्थ: आलसी मनुष्य को विद्या कहाँ ? जिसके पास विद्या नहीं उसके पास धन कहाँ ? जिसके पास धन नहीं उसके पास दोस्त कहाँ ? और दोस्त के बिना सुख कहाँ ? !! यानी जीवन में मनुष्य को कुछ प्राप्त करना है तो उसे सबसे पहले आलस वाली आदत छोड़नी होगी.


3) पश्य कर्म वशात्प्राप्तं भोज्यकालेऽपि भोजनम् ।
हस्तोद्यम विना वक्त्रं प्रविशेत न कथंचन

हिन्दी अर्थ : भोजन थाली में परोस कर सामने रखा हो पर जब तक उसे हाथ से उठा कर मुंह में नहीं डालोगे , वह अपने आप मुंह में तो चला नहीं जाएगा।


4) विद्या विवादाय धनं मदाय शक्तिः परेषां परिपीडनाय।
खलस्य साधोर् विपरीतमेतद् ज्ञानाय दानाय च रक्षणाय॥

हिन्दी अर्थ: बुरे मनुष्य की विद्या झगड़े के लिये, धन उन्माद के लिये, और शक्ति दूसरों को दबाने के लिये होती है। अच्छे मनुष्य इसी को ज्ञान, दान, और दूसरों की रक्षा के लिये उपयोग करते हैं।


5) यस्मिन् देशे न सम्मानो न वृत्तिर्न च बान्धवाः।
न च विद्यागमोऽप्यस्ति वासस्तत्र न कारयेत्।।

हिन्दी अर्थ: ऐसा देश जहाँ पर कोई सम्मान नहीं हो, जीने के लिए कोई रोज़गार नहीं मिले, कोई अपना भाई और दोस्त नहीं रहता हो, जहाँ पर विद्या मिलने की संभवना नहीं हो, ऐसे स्थान पर रहना नहीं चाहिए।
(ये विद्या संस्कृत श्लोक अनमोल है.)



B) जीवन पर संस्कृत श्लोक

अच्छा जीवन जीने के लिए व्यक्ति में क्या-क्या गुण होने चाहिए? किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
आप इन श्लोक की मदद से बच्चे को अच्छा जीवन जीना सीखा पाएँगे.

6) काव्य-शास्त्र-विनोदेन कालो गच्छति धीमताम्।
व्यसनेन तु मूर्खाणां निद्रया कलहेन वा॥

हिन्दी अर्थ: बुद्धिमान लोगों का समय काव्य और शास्त्र का विनोद करने में व्यतीत होता है, जब कि मूर्खों का समय व्यसन, नींद व कलह में व्यतीत होता है।


7) आढ् यतो वापि दरिद्रो वा दुःखित सुखितोऽपिवा ।
निर्दोषश्च सदोषश्च व्यस्यः परमा गतिः ॥

हिन्दी अर्थ : चाहे धनी हो या निर्धन, दुःखी हो या सुखी, निर्दोष हो या सदोष – दोस्त ही मनुष्य का सबसे बड़ा सहारा होता है।


8) सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।
वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव संपदः।

हिन्दी अर्थ: हमें अचानक जोश में आकर कोई काम नहीं करना चाहिए। क्योंकि विवेक हीनता सबसे बड़ी विपत्तियों का कारण होती है। इसके विपरीत जो व्यक्ति सोच समझकर कार्य करता है। उसके गुणों से आकर्षित होकर मां लक्ष्मी स्वयं ही उसका चुनाव कर लेती है।


9) अपि मेरुसमं प्राज्ञमपि शुरमपि स्थिरम्।
तृणीकरोति तृष्णैका निमेषेण नरोत्तमम्।।

हिन्दी अर्थ: भले ही कोई व्यक्ति मेरु पहाड़ की तरह स्थिर, चतुर, तेज दिमाग का हो. लालच उसे पल भर में घास की तरह खत्म कर सकता है।
ये जीवन पर संस्कृत श्लोक में से एक हैं.



C) धैर्य पर संस्कृत श्लोक

आजकल बच्चों में पेशेंस यानी धैर्य की बहुत कमी है. लेकिन जीवन में सफलता के लिए धैर्य रखना बहुत ज़रूरी है. इसीलिए हम लाए है, धैर्य पर संस्कृत श्लोक.
बच्चों को ये संस्कृत श्लोक अर्थ सहित Hindi में समझाएँ.दोस्तों को भी शेयर करे.

10) शनैः पन्थाः शनैः कन्था शनैःपर्वतलङ्घनम्।
शनैर्विद्या शनैर्वित्तं पञ्चैतनि शनैः शनैः॥

हिन्दी अर्थ: कोई भी रास्ता धीरे धीरे कटता है, कपड़ा धीरे धीरे बुना जाता है, पर्वत धीरे धीरे चढा जाता है, विद्या और धन भी धीरे-धीरे प्राप्त होते हैं, ये पाँचों धीरे धीरे ही मिलते है, इनको प्राप्त करने के लिए धैर्य होना चाहिए.


11) यस्य कृत्यं न विघ्नन्त शीत मुष्णं भयरतिः
समृद्धिरसमृद्धिर्वा स वै पण्डित उच्यते ॥

हिन्दी अर्थ: जो व्यक्ति सरदी-गरमी, अमीरी-गरीबी, प्रेम-धृणा आदि विषम परिस्थितियों में भी विचलित नहीं होता और बिना किसी भाव से अपना राजधर्म निभाता है, वही सच्चा ज्ञानी है।


12) धैर्यं हि सुखसाधनं, धैर्यं हि परमं सौभाग्यम्।
धैर्यं बुद्धिमतां राजन्, धैर्यं धनसमृद्धिदाम्॥

हिंदी अर्थ: धैर्य से ही सुख की प्राप्ति होती है, धैर्य से ही परम भाग्य मिलता है। धैर्य से ही बुद्धिमानों की पहचान होती है, धैर्य ही धन जैसी सम्पत्ति है.


13) धृतिः शमो दमः शौचं कारुण्यं वागनिष्ठुरा।
मित्राणाम् चानभिद्रोहः सप्तैताः समिधः श्रियः।।

हिंदी अर्थ: धैर्य, मन पर नियंत्रण,इन्द्रियों को संयम में रखने से, पवित्रता, दया, मधुर वाणी और मित्र से द्रोह न करना. ये सात चीजें लक्ष्मी को बढ़ाने वाली हैं।
ये धैर्य पर संस्कृत श्लोक अनमोल है.



D) कर्म पर संस्कृत श्लोक

अगर बच्चों को सफलता दिलाना चाहते हैं तो उन्हें अच्छे कर्म करने की प्रेरणा देनी होगी. ये प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक आपकी बहुत मदद करेंगे.

14) आत्मार्थं जीवलोकेऽस्मिन् को न जीवति मानवः।
परं परोपकारार्थं यो जीवति स जीवति।

हिन्दी अर्थ: इस जीवलोक में स्वयं के लिए कौन नहीं जीता ? परंतु, जो परोपकार के लिए जीता है, वही सच्ची तरह जीवित है.


15) उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः
न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगा:!!!

हिन्दी अर्थ: कोई भी काम मेहनत से ही पूरा होता हैं बैठे बैठे हवाई किले बनाने से नहीं जिस प्रकार सिर्फ सोचने भर से सोते हुए शेर के मुँह में हिरण खुद नहीं चला जाता!!!


16) अवष्यकर्णीय च मा त्वा कालोअत्यागदयंम

हिन्दी अर्थ: जो काम ज़रूर करना हैं उसे कर डालो समय बीत न जाये!!!


17) लोका: समस्ता: सुखिनो भवन्तु!!!

हिन्दी अर्थ: सारा सँसार सुखी रहे!!!  (ये छोटे संस्कृत श्लोक Easy सुनाने में बहुत आसान है



E) जन्मदिन की शुभकामनाएं संस्कृत श्लोक

सब चाहते है कि उनके जन्मदिन पर सब अच्छे-अच्छे गिफ्ट भेजे. बहुत सुंदर-सुंदर जन्मदिन की शुभकाम​नाएँ दे. हम बिल्कुल यूनिक जन्मदिन की शुभकामनाएं संस्कृत श्लोक लाएं है. जिन्हें पढ़कर सब ख़ुश हो जाएँगे.

18) स्वत्यस्तु ते कुशल्मस्तु चिरयुरस्तु।
विद्या विवेक कृति कौशल सिद्धिरस्तु।
सुदिनम् सुदिना जन्मदिनं तव।।

हिन्दी अर्थ: आप हमेशा ख़ुश, कुशल और लंबे जीवन यानी लम्बी आयु को प्राप्त करें। आपको जन्मदिन पर एक शानदार दिन की शुभकामनाएं।


19) तव जन्मदिने यान्तु सुखसम्पत्ति सैनिकाः
विघ्नशत्रून् च नश्यन्तु बलो विद्या च वर्ध्दतु ।
जन्मदिवसस्य अभिनन्दनानी ||

हिन्दी अर्थ: जन्मदिन है तुम्हें सुख संपत्ति मिले. तुम्हारे शत्रुओं का नाश हो और तुम्हारा यश, बल और बुद्धि बढ़ती रहे। जन्मदिन की बधाईयाँ !!


20) आशासे यत् नववर्षं भवतु मङ्गलकरम् अद्भुतकरञ्च
जीवनस्य सकलकामनासिद्धिरस्तु
जन्मदिनशुभेच्छा:

हिंदी अर्थ: मुझे उम्मीद है कि नया साल आपके लिए सुखद सरप्राइज लेकर आएगा। आपको जीवन में वह सब कुछ मिले जो आप चाहते हैं, जन्मदिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ।


21) दीघयियरोग्ययस्तु। सुयशः भवतु।
विजयः भवतु। जन्मदिनशुभेच्छा:।

हिंदी में अर्थ: आपकी लंबी आयु हों और कोई रोग न रहें, जीवन में यश प्राप्त करें, जीवन में जीत हाँसिल करें। आपके जन्म दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ।


22) आपृच्छस्व पुराणम् आमन्त्रयस्व च नवम् आशा-सुस्वप्न-जिगीषाभिः
जन्मदिनशुभेच्छा:

हिंदी अर्थ: पुराने साल को अलविदा कहो और आशा, सपने और महत्वाकांक्षा से भरे नए साल को गले लगाओ, जन्मदिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ।


23) जन्मदिवसस्य हार्दिक्य: शुभकामना:।।

हिन्दी अर्थ: जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।


24) सूर्य संवेदना पुष्पे, दीप्ति कारुण्यगंधने।
लब्ध्वा शुभं जन्मदिवसेऽस्मिन कुर्यात्सर्वस्य मंगलम्‌।।

हिन्दी अर्थ: जिस तरह सूर्य रोशनी देता है, संवेदना करुणा के भाव को जन्म देती है, पुष्प हमेशा ख़ुशबू देता है, उसी तरह यह जन्मदिवस आपके लिए हर दिन, हर पल के लिए मंगलमय हो। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें!

अपने दोस्तों को जन्मदिन की शुभकामनाएं प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक भेजे.



F) वीरता पर संस्कृत श्लोक

बच्चों को सफलता दिलाने के लिए उनका वीर यानी साहसी होना भी बहुत ज़रूरी है. जीवन में हर वक्त उतार-चढ़ाव आता रहता है. ऐसे में सिर्फ़ वीरता से भरे लोग ही अपनी प्रॉब्लम्स का सोल्यूशन निकाल पाते हैं.
इसलिए बच्चों को सुनाएं वीरता पर संस्कृत श्लोक.

25) युद्धे शौर्यं प्रयासेन शीलं युद्धं विक्रमेण च।
वीरता युद्धे प्राप्तस्य तत्र सर्वं प्रकाशते॥

हिन्दी अर्थ: युद्ध में शौर्य से, प्रयास से और वीरता से युद्ध करने वाले के गुण प्रकाशित होते हैं। युद्ध में वीरता प्रकट करने से सब कुछ प्राप्त होता है॥


26) मोऽस्य दोषो न मन्तव्यः क्षमा हि पटमं बलम्।
क्षमा गुणों ह्याक्तानां शक्तानां भूषणं क्षमा ॥

हिन्दी अर्थ: क्षमा तो वीरो का आभूषण होता है। क्षमा करने का गुण कमजोर व्यक्ति को भी बलवान बना देता है और वीरो का तो यह भूषण ही है।


27) शौर्यं तेजो धृतिर्दाक्ष्यं युद्धे चाप्यपलायनम् ।
दानमीश्वरभावश्च क्षात्रं कर्म स्वभावजम् ॥”

हिन्दी अर्थ: दान करना, युद्ध भूमि से न भागना, धैर्य रखना, वीर होना, दक्ष होना, तेज होना राजा होने का स्वभाव दिखाता है । यही सब क्षत्रिय के स्वाभाविक कर्म हैं।


28) “न धैर्येण विना लक्ष्मी-र्न शौर्येण विना जयः। न ज्ञानेन विना मोक्षो -न दानेन विना यशः॥”

हिन्दी अर्थ: जैसे वीरता के बिना विजय प्राप्त नहीं होती है । ठीक वैसे ही धैर्य के बिना धन की प्राप्ति नहीं होती है और मोक्ष भी बिना ज्ञान के प्राप्त नहीं होता है । दानके बिना यश की प्राप्ति नहीं होती है। (ये वीरता पर संस्कृत श्लोक बच्चों को सुनाएं.)


G) सफलता पर संस्कृत श्लोक 

बच्चों को सफलता दिलाने के लिए ये प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक सिखाने जरुरी हैं. बच्चों को मोटीवेट करना अत्यंत आवश्यक है.

29) नाभिषेको न संस्कारः सिंहस्य क्रियते वने।
विक्रमार्जितसत्वस्य स्वयमेव मृगेन्द्रता।।

हिन्दी अर्थ: शेर को जंगल का राजा नियुक्त करने के लिए कोई अभिषेक या संस्कार नहीं किया जाता है। वह स्वयं अपने गुण और पराक्रम से मृगेंद्रपद(राजा के पद )
को प्राप्त करता है।


30) निश्चित्वा यः प्रक्रमते नान्तर्वसति कर्मणः।
अवन्ध्यकालो वश्यात्मा स वै पण्डित उच्यते।

हिन्दी अर्थ: जिसके प्रयास एक फर्म डीटरमिनेशन से शुरू होते हैं. जो काम पूरा होने तक ज्यादा आराम नहीं करते हैं. जो समय बर्बाद नहीं करते हैं और जो अपने विचारों पर नियन्त्रण रखते हैं, वह बुद्धिमान है।


31) स्वगृहे पूज्यते मूर्खः स्वग्रामे पूज्यते प्रभुः।
स्वदेशे पूज्यते राजा विद्वान्सर्वत्र पूज्यते।।

हिन्दी अर्थ: एक मुर्ख की पूजा उसके घर में होती है, एक मुखिया की पूजा उसके गाँव में होती है, राजा की पूजा उसके राज्य में होती है और एक विद्वान की पूजा सभी जगह पर होती है।


32) उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत।
क्षुरासन्नधारा निशिता दुरत्यद्दुर्गं पथस्तत्कवयो वदन्ति॥

हिन्दी अर्थ: उठो, जागो, और अपने लक्ष्य को प्राप्त करो। तेरे रास्ते कठिन हैं, और वे बहुत मुश्किल भी हो सकते हैं, लेकिन विद्वान कहते हैं कि कठिन रास्ते सफलता के योग्य होते हैं॥


33) सफलता न निमित्तं किंचित्, नापि दैवं न चानुशासनं। सफलता कर्मणि प्राप्ता, कौशल्येन च मनोगता॥

हिन्दी अर्थ: सफलता का कारण न कोई निमित्त होता है, न कोई दैवी शक्ति होती है, और न कोई अनुशासन होता है। सफलता कर्म करने से ही प्राप्त होती है और उसे मन से काम करके और कौशल्य से प्राप्त किया जा सकता है॥



H) छोटे संस्कृत श्लोक Easy

हम यहाँ पर ऐसे छोटे संस्कृत श्लोक oneline, छोटे संस्कृत श्लोक अर्थ सहित, प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक, छोटे संस्कृत श्लोक for instagram बताने जा रहे है. जिन्हें बच्चे आसानी से समझ पाएँगे और अपने जीवन में भी उतार पाएँगे.

34) यमसमो बन्धु: कृत्वा यं नावसीदति।

हिन्दी अर्थ: मनुष्य के शरीर में रहने वाला आलस्य ही उनका सबसे बड़ा शत्रु होता है, परिश्रम जैसा दूसरा कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता है।


35) नास्ति मातृसमा छाय
नास्ति मातृसमा गतिः।
नास्ति मातृसमं त्राणं
नास्ति मातृसमा प्रपा॥

हिन्दी अर्थ: माता के समान कोई छाया नहीं, कोई आश्रय नहीं, कोई सुरक्षा नहीं। माता के समान इस विश्व में कोई जीवनदाता नहीं॥


36) शतेषु जायते शूरः सहस्रेषु च पण्डितः !
वक्ता दशसहस्रेषु दाता भवति वा न वा !!

हिन्दी अर्थ: 100 लोगों में एक शूरवीर होता है, हजार लोगों में एक पंडित(विद्वान) होता है, 10000 लोगों में वक्ता होता है, लाख लोगों में एक दानी होता है.


37) आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः !नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति !!

हिन्दी अर्थ: मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु आलस्य है और मित्र परिश्रम होता है क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं हो सकता।


38) विद्वत्वं च नृपत्वं च नैव तुल्यं कदाचन !स्वदेशे पूज्यते राजा विद्वान् सर्वत्र पूज्यते !!

हिन्दी अर्थ: राजा और विद्वान में कभी तुलना नहीं हो सकती क्योंकि राजा अपने राज्य में पूजा जाता है वही विद्वान सब जगह पूजनीय है।
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39)मूर्खस्य पञ्च चिह्नानि गर्वो दुर्वचनं तथा।
क्रोधश्च दृढवादश्च परवाक्येष्वनादरः।।

हिन्दी अर्थ: एक मूर्ख के पांच लक्षण होते है घमण्ड, दुष्ट बातें, क्रोध, जिद्दी तर्क और अन्य लोगों के लिए सम्मान में कमी।


40) पुस्तकस्था तु या विद्या,परहस्तगतं च धनम्।
कार्यकाले समुत्तपन्ने न सा विद्या न तद् धनम्।।

हिन्दी अर्थ: किसी पुस्तक में रखी विद्या और दूसरे के हाथ में गया धन। ये दोनों जब जरूरत होती है तब हमारे किसी भी काम में नहीं आती।
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41) यस्य नास्ति स्वयं प्रज्ञा शास्त्रं तस्य करोति किम् । लोचनाभ्यां विहीनस्य दर्पणः किं करिष्यति ॥

हिन्दी अर्थ: (यस्य – जिसका,लोचनाभ्यां – आंखों से) जिसके पास खुद की बुद्धि नहीं किताबें भी उसके किस काम की? जिसकी आंखें ही नहीं हैं वो आईने का क्या करेगा?


42) श्लोकार्धेन प्रवक्ष्यामि यदुक्तं ग्रन्थकोटिभिः । परोपकारः पुण्याय पापाय परपीडनम् ॥

(यदुक्तं – जो कहा गया, परपीडनम् – दूसरे को दुःख देना) करोड़ों ग्रंथों में जो बात कही गई है वो आधी लाइन में कहती हूं, दूसरे का भला करना ही सबसे बड़ा पुण्य है और दूसरे को दुःख देना सबसे बड़ा पाप.


43) सत्यमेव जयते।

हिन्दी अर्थ: सत्य ही विजयी होता है।


44) यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः

हिन्दी अर्थ: जहां महिलाएं पूजी जाती हैं, वहीं देवता सुखी रहते हैं. (ये छोटे संस्केत श्लोक oneline में से एक हैं.)


Conclusion

हमने आपको इस लेख में बच्चों को सफलता दिलाने वाले प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक बताये है. हमने आपको कर्म पर संस्कृत श्लोक, विद्या संस्कृत श्लोक अर्थ सहित बताएँ है. जिससे आप बच्चों का सही मार्ग दर्शन कर सके. वीरता और धैर्य सफल आदमियों के गुण है.

इसलिए हमने वीरता पर संस्कृत श्लोक और धैर्य पर संस्कृत ​श्लोक भी बताये है. छोटे संस्कृत श्लोक easy है सिखाने. आप दोस्तों को जन्मदिन की शुभकामनाएं संस्कृत श्लोक भेज सकते हो. जीवन पर संस्कृत श्लोक और सफलता पर संस्कृत श्लोक बच्चों को सफल बनायेंगे.

हमने सारे संस्कृत श्लोक अर्थ सहित Hindi में बताये है. आप बच्चों को रोज़ एक श्लोक सुनाएं. आप सबके बच्चे सफल हो. जय हिन्द ! जय भारत!

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Child Development Expert
Vibha Sharma


अक्सर पूछें जाने वाले सवाल – FAQ

Q 1. सबसे शक्तिशाली मंत्र कौन सा है?

Ans. हिंदू धर्म में सबसे शक्तिशाली मंत्र “गायत्री मंत्र” है
​​​​​​​​​​ ​​​​​​​​​​​​​​​​​​ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।
हिन्दी अर्थ: हम पृथ्वीलोक, भुवर्लोक और स्वर्गलोक में स्थित उस सृष्टिकर्ता प्रकाशमान परमात्मा के तेज का ध्यान करते हैं। हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की तरफ चलने के लिए परमात्मा का तेज प्रेरित करे।

Q 2. सफलता के संस्कृत शब्द क्या है?

Ans. सफलता के लिए संस्कृत शब्द : स्वस्तिः (स्वस्तिः), साफल्यः (सफल्यः), वर्धनः (वर्धनः), सिद्धिः (सिद्धिः) हैं।

Q 3. संस्कृत में बधाई कैसे दे?

Ans. त्वं जीव शतं वर्धमान:।
तुम सौ साल जिओ।(पु)
​​​​​​ त्वं शतं जीव शरद: वर्धमाना ।
तुम सौ साल जिओ।(स्त्री)


Vibha Sharma

Hi, मैं Vibha Sharma हूँ. मैं एक Child Development Expert और Mom Influencer हूँ. मैं Maonduty की Founder हूँ. मैं तीन बच्चों की माँ हूँ. मेरी बड़ी बेटी Mechanical Engineer है, छोटी बेटी Lawyer है और बेटा Reputed College से Law कर रहा है. मेरे बच्चे हमेशा Scholar रहे. उन्होंने बहुत सारे इनाम जीते Debates, Essay writing, sports, arts, story telling, fancy dress and Theatre etc मैं यहाँ आपको Parenting के पर्सनल अनुभव share कर रही हूँ. मेरा mission 100000000+Parents की parenting journey को Happy and Easy बनाना है 🙏😊❤️ आप मुझे Instagram पर भी follow कर सकते है. मैं वहाँ Calm Parenting tips देती हूँ.😊💐

2 Comments

  • R K Yadav · August 6, 2023 at 3:50 pm

    नमस्कार जी
    आज का श्लोक वाला अंक बहुत अच्छा लगा। अच्छे श्लोक का संकलन किया है। बहुत सुंदर 💐💐🙏🙏

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